उड़ान के दौरान इंडिगो विमान में निकला धुआं, मची अफरा-तफरी, हैदराबाद में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग
दिल्ली से चेन्नई जा रही फ्लाइट 6E 6115 का बदला गया रास्ता, निजी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से धुआं निकलने की सूचना; यात्रियों को दूसरे विमान से भेजने की व्यवस्था
(Today crime news)
नई दिल्ली/हैदराबाद। दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट में रविवार, 11 अक्टूबर को उड़ान के दौरान उस समय अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई, जब एक यात्री के निजी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से धुआं निकलने का पता चला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलटों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान का मार्ग बदल दिया। इसके बाद विमान को हैदराबाद स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। शुरुआती रिपोर्टों में यात्री के पावर बैंक में आग लगने की आशंका जताई गई, हालांकि एयरलाइन ने उपकरण की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
इंडिगो की फ्लाइट 6E 6115 दिल्ली से चेन्नई के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान विमान के केबिन में एक निजी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से धुआं निकलने की सूचना मिली। इसके बाद केबिन क्रू ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पायलटों ने एहतियातन विमान को हैदराबाद की ओर मोड़ने का फैसला लिया। विमान शमशाबाद स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतर गया।
उपकरण से धुआं निकलने पर बदला गया विमान का मार्ग
घटना के दौरान विमान में मौजूद यात्रियों के बीच घबराहट फैलने की बात सामने आई। एक यात्री ने घटना को भयावह बताते हुए कहा कि शुरुआत में कुछ लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि विमान में आखिर हो क्या रहा है। हालांकि, चालक दल की त्वरित कार्रवाई के बाद स्थिति को नियंत्रण में लिया गया।
शुरुआती जानकारी में पावर बैंक में आग लगने की आशंका जताई गई थी। लेकिन इंडिगो के आधिकारिक बयान के मुताबिक, विमान में एक यात्री के निजी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से धुआं निकलने की घटना सामने आई थी। एयरलाइन ने उपकरण की पहचान स्पष्ट नहीं की और न ही उसमें विस्फोट होने की पुष्टि की। ऐसे में घटना के सटीक कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
यात्रियों को दूसरे विमान से भेजने की व्यवस्था
हैदराबाद में सुरक्षित लैंडिंग के बाद इंडिगो ने यात्रियों को उनके गंतव्य चेन्नई तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की। एयरलाइन के मुताबिक, यात्रियों को हुई असुविधा कम करने के लिए जलपान और समय-समय पर जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने जैसे कदम उठाए गए। इंडिगो ने अप्रत्याशित परिस्थिति के कारण यात्रियों को हुई परेशानी पर खेद जताया और कहा कि यात्रियों तथा चालक दल की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस घटना में किसी यात्री या चालक दल के सदस्य के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, घटना के कारणों और संबंधित उपकरण की प्रकृति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
मई में भी सामने आई थी पावर बैंक में आग की घटना
इससे पहले मई में हैदराबाद से चंडीगढ़ जा रही एक उड़ान में भी पावर बैंक में आग लगने की घटना सामने आई थी। उस समय विमान टैक्सीवे पर आगे बढ़ रहा था, तभी एक यात्री के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण में आग लग गई और केबिन में धुआं फैल गया। रिपोर्टों के मुताबिक, उपकरण की पहचान बाद में पावर बैंक के रूप में हुई थी।
स्थिति को देखते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत यात्रियों को इन्फ्लेटेबल स्लाइड के जरिए विमान से बाहर निकाला गया था। रिपोर्टों में विमान में 200 से अधिक यात्रियों और छह एयरलाइन कर्मचारियों के सवार होने की जानकारी दी गई थी। उस घटना में भी चालक दल ने आग बुझाने के लिए अग्निशामक यंत्र का इस्तेमाल किया था।
पावर बैंक को लेकर क्यों जरूरी है सावधानी?
पावर बैंक और अन्य पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां क्षतिग्रस्त होने, खराबी आने या अत्यधिक गर्म होने की स्थिति में आग पकड़ सकती हैं। विमान में ऐसी घटनाएं गंभीर सुरक्षा चुनौती पैदा कर सकती हैं, क्योंकि बंद केबिन में धुआं फैलने से यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों की सामान्य सुरक्षा सलाह है कि यदि किसी उपकरण से धुआं निकलने लगे या वह असामान्य रूप से गर्म हो जाए, तो यात्री स्वयं उससे छेड़छाड़ करने के बजाय तुरंत केबिन क्रू को सूचना दें और उनके निर्देशों का पालन करें। विमान में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और पावर बैंक के इस्तेमाल तथा उन्हें रखने संबंधी एयरलाइन के नियमों का पालन करना भी जरूरी है। दिल्ली-चेन्नई उड़ान में हुई ताजा घटना ने एक बार फिर विमान यात्रा के दौरान बैटरी से चलने वाले उपकरणों की सुरक्षा और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के महत्व को रेखांकित किया है।


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