मंगल भवन से शुरू हुआ घमासान, कार्यकारिणी में आमने-सामने पार्षद-अफसर

मंगल भवन से शुरू हुआ घमासान, कार्यकारिणी में आमने-सामने पार्षद-अफसर 

नगर निगम कार्यकारिणी में फैसलों पर घमासान, पार्षदों ने अफसरों को घेरा, एजेंडे से बाहर सवालों पर नगर आयुक्त ने टोका तो और बढ़ा टकराव

20 हजार खराब स्ट्रीट लाइटों पर महापौर सख्त, विकास कार्य दूसरे वार्ड में कराने का भी उठा आरोप


(Today crime news)

उत्तर प्रदेश कानपुर। नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक सोमवार को विकास के प्रस्तावों से ज्यादा फैसलों की प्रक्रिया और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर गरमा गई। मंगल भवन की समितियां कार्यकारिणी की अनुमति के बिना भंग किए जाने का मुद्दा उठा तो पार्षदों ने सीधे सवाल दाग दिया—आखिर ऐसे फैसले किस स्तर पर और किसकी अनुमति से लिए जा रहे हैं? देखते ही देखते सदन में सवाल-जवाब का दौर शुरू हो गया और पार्षदों ने अधिकारियों को घेर लिया।

बैठक में सपा पार्षद रजत कौशिक ने अपने वार्ड का नक्शा सदन में पेश कर आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र के विकास कार्य दूसरे इलाके में कराए जा रहे हैं। नक्शा लहराते हुए उन्होंने संबंधित व्यवस्था पर सवाल उठाए। मामला बढ़ा तो नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने साफ किया कि बैठक में एजेंडे में शामिल प्रस्तावों से जुड़े सवाल ही उठाए जाएं। एजेंडे से बाहर के मामलों पर अलग समय लेकर चर्चा की जाए।

नगर आयुक्त की इस आपत्ति के बाद सदन का माहौल और तल्ख हो गया। कई पार्षदों ने सवालों की बौछार कर दी। बहस व्यक्तिगत टिप्पणियों तक न पहुंचे, इसके लिए नगर आयुक्त को पार्षदों से संयम बरतने की अपील करनी पड़ी। उन्होंने विकास कार्यों और प्रस्तावों पर तथ्यात्मक चर्चा की बात कही।

मंगल भवन पर महापौर-नगर आयुक्त के बीच भी तीखी बहस

मंगल भवन की कार्यकारिणी को निरस्त किए जाने का मामला बैठक में सबसे ज्यादा गरमाया। महापौर प्रमिला पांडेय और नगर आयुक्त के बीच इस मुद्दे पर काफी देर तक बातचीत और बहस हुई। नगर आयुक्त का कहना था कि मामला सोमवार के निर्धारित एजेंडे में शामिल नहीं है। बावजूद इसके, मामला सदन में लगातार उठता रहा। महापौर ने बैठक में उठाए गए कई अन्य मामलों पर भी नगर आयुक्त से जवाब मांगा और संबंधित प्रकरणों की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। इससे साफ रहा कि बैठक में केवल प्रस्तावों पर औपचारिक चर्चा नहीं हुई, बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवालों का सामना करना पड़ा।

नक्शा सामने रखकर अतिक्रमण पर जवाब तलब

पार्षद कौशिक बाजपेई ने भी नक्शा प्रस्तुत कर अपने वार्ड में हुए कथित अवैध अतिक्रमण का मुद्दा उठाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। लगातार उठते सवालों के बीच कार्यकारिणी की बैठक में विकास कार्यों की प्राथमिकता, प्रक्रिया और निगरानी को लेकर पार्षदों की नाराजगी सामने आती रही।

15 प्रस्ताव, लेकिन फैसलों पर भारी पड़ा हंगामा

कार्यकारिणी के सामने शहर के विकास से जुड़े 15 प्रस्ताव रखे गए। बैठक की शुरुआत में सर्वसम्मति से चुने गए छह नए कार्यकारिणी सदस्यों को शपथ दिलाई गई। इसके बाद सड़कों, पार्कों और प्रमुख चौराहों के नामकरण, नई सड़कों और नाला निर्माण समेत विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा होनी थी। लेकिन शुरुआती दौर में ही उठे विवादों और तीखी बहस ने बैठक की दिशा बदल दी। कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी और कई प्रस्तावों पर चर्चा अधूरी रह गई।

20 हजार स्ट्रीट लाइटें खराब, महापौर ने अफसरों को दिए सख्त निर्देश

शहर की बदहाल प्रकाश व्यवस्था भी बैठक में निशाने पर रही। महापौर प्रमिला पांडेय ने शहर में खराब पड़ी करीब 20 हजार स्ट्रीट लाइटों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि रात में नागरिकों की आवाजाही में परेशानी नहीं होनी चाहिए। अब सवाल यह है कि इतने बड़े पैमाने पर लाइटें खराब हैं तो जवाबदेही किसकी तय होगी और व्यवस्था कब पटरी पर आएगी? हंगामे के बीच अधूरी रही बैठक, मंगलवार को फिर जुटेगी कार्यकारिणी सोमवार की बैठक में जिस तरह एक के बाद एक सवाल उठे और कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी, उससे शेष प्रस्तावों पर निर्णय नहीं हो सका। अब कार्यकारिणी की बैठक मंगलवार को फिर बुलाए जाने की बात कही गई है।

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