बिठूर से योगी का 2027 के लिए सियासी संदेश, सपा-कांग्रेस पर हमला; बसपा पर साधी चुप्पी

बिठूर से योगी का 2027 के लिए सियासी संदेश, सपा-कांग्रेस पर हमला; बसपा पर साधी चुप्पी

411 करोड़ की 48 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, महर्षि वाल्मीकि आश्रम में किया पूजन; बिठूर को पर्यटन के मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने का वादा


(Today crime news)

उत्तर प्रदेश कानपुर। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिठूर की धरती से विकास, सांस्कृतिक विरासत और आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीति को लेकर संदेश दिया। सपा और कांग्रेस पर परिवारवाद, तुष्टीकरण, अपराधियों के संरक्षण और महापुरुषों की विरासत की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए जनता से आशीर्वाद मांगा। उनके पूरे संबोधन में सपा और कांग्रेस निशाने पर रहीं, जबकि बहुजन समाज पार्टी का नाम नहीं लिया गया। मुख्यमंत्री की इस चुप्पी को लेकर राजनीतिक चर्चाओं की गुंजाइश बनी रही।

मुख्यमंत्री ने बिठूर और बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों के विकास के लिए 411 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 48 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 29 परियोजनाओं का लोकार्पण और 19 का शिलान्यास शामिल रहा। कार्यक्रम में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।



सपा-कांग्रेस पर निशाना, घुसपैठियों का मुद्दा उठाया

नानाराव पार्क में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस को एक ही सिक्के के दो पहलू बताते हुए दोनों दलों की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विरासत में सत्ता मिल सकती है, लेकिन जनता के बीच जाकर काम करने और अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रयास करना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।

बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठ के कारण गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकार प्रभावित होते हैं। योगी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पात्र लोगों तक राशन और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

 महापुरुषों के सम्मान और धार्मिक विरासत पर जोर

मुख्यमंत्री ने सपा सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान कई संस्थानों और जिलों के नाम बदलकर महापुरुषों के सम्मान से जुड़े नामों को हटाया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महापुरुषों के सम्मान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए काम कर रही है।



महर्षि वाल्मीकि के योगदान का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि रामायण के माध्यम से उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया। ऐसे महापुरुषों से जुड़े स्थलों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का माध्यम है।

मुख्यमंत्री ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को नई पहचान देने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बिठूर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम, ब्रह्मावर्त घाट और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास को भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

 कानून-व्यवस्था पर घेरा, कानपुर की घटनाओं का किया जिक्र

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने मुजफ्फरनगर की घटनाओं, मथुरा के जवाहर बाग प्रकरण और पुलिस अधिकारियों की हत्या का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि तत्कालीन व्यवस्था में अपराध और अराजकता पर प्रभावी नियंत्रण नहीं था। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की है।



कानपुर की सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ी घटनाओं और पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी के बलिदान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने शहर की सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रवादी परंपरा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कानपुर की पहचान आपसी सद्भाव और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ी रही है। संबोधन के दौरान बिल्हौर विधायक राहुल बच्चा सोनकर के परिवार का संदर्भ देते हुए भी उन्होंने हिंसा के खिलाफ कड़ा संदेश दिया।

गरीब कल्याण, महिला सुरक्षा और रोजगार का जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब कल्याण, महिला सुरक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने राशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पात्र लोगों तक बिना भेदभाव सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल सहित स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के योगदान को याद रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महापुरुषों का सम्मान और ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए आवश्यक है।

बिठूर को पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने का वादा

धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले बिठूर के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के घाटों, आश्रमों और अन्य धार्मिक स्थलों का विकास पर्यटन को गति दे सकता है। उन्होंने क्षेत्र को नई योजनाओं के माध्यम से पर्यटन के मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने का भरोसा दिया।

411 करोड़ रुपये से अधिक की 48 परियोजनाओं को क्षेत्र के विकास से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया। परियोजनाओं से संबंधित कार्यों के क्रियान्वयन और उनके वास्तविक लाभ का आकलन उनके पूरा होने के बाद किया जा सकेगा।


 सपा-कांग्रेस पर हमले के बीच बसपा का उल्लेख नहीं

मुख्यमंत्री के संबोधन में सपा और कांग्रेस पर लगातार हमले हुए, लेकिन बसपा का उल्लेख नहीं किया गया। दलितों, पिछड़ों और वंचितों के लिए संचालित योजनाओं तथा महापुरुषों के सम्मान से जुड़े कार्यों का जिक्र जरूर किया गया। ऐसे में बसपा का नाम न लेना राजनीतिक चर्चा का विषय रहा। हालांकि, इस चुप्पी के पीछे किसी विशेष चुनावी रणनीति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, सांसद रमेश अवस्थी, विधायक अभिजीत सिंह सांगा, राहुल बच्चा सोनकर, नीलिमा कटियार सहित कई जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।

 विधायक अभिजीत सिंह सांगा की मां को दी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधायक अभिजीत सिंह सांगा के आवास भी पहुंचे। यहां उन्होंने विधायक की दिवंगत मां डॉ. निर्मला सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, विकास परियोजनाओं और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के कई पहलू सामने आए। बिठूर की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने के वादे के साथ मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, गरीब कल्याण और महापुरुषों के सम्मान को भी अपने संबोधन के प्रमुख मुद्दों में शामिल रखा।

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