कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारतीय महिला मुक्केबाजों का स्वर्णिम पंच, प्रीति पवार और जैस्मिन लांबोरिया ने जीते गोल्ड
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देश न्यूज। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार और 57 किलोग्राम वर्ग में जैस्मिन लांबोरिया ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया।
54 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में 22 वर्षीय प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को पूरी तरह एकतरफा मुकाबले में मात दी। शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में खेलते हुए प्रीति ने पहले राउंड में सभी पांचों जजों से 10-8 का स्कोर हासिल किया। इसके बाद दूसरे और तीसरे राउंड में भी उन्होंने अपना दबदबा कायम रखा और 5-0 से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
प्रीति का यह प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा। सेमीफाइनल में भी उन्होंने जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराया था और उसी आत्मविश्वास के साथ फाइनल में भी शानदार जीत दर्ज की।
वहीं, महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मिन लांबोरिया ने उत्तरी आयरलैंड की डिफेंडिंग कॉमनवेल्थ चैंपियन माइकेला वॉल्श को हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। पहला राउंड बेहद रोमांचक रहा, जिसमें जैस्मिन ने स्प्लिट डिसीजन के जरिए बढ़त बनाई। दूसरे राउंड से भारतीय मुक्केबाज ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए लगातार सटीक पंच लगाए और मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर लिया। अंत में पांचों जजों ने सर्वसम्मति से जैस्मिन के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें स्वर्ण पदक विजेता घोषित किया। भारतीय महिला मुक्केबाजी के लिए यह दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। एक ही दिन में दो महिला मुक्केबाजों का स्वर्ण पदक जीतना इस बात का संकेत है कि भारतीय बॉक्सिंग लगातार वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बना रही है। प्रीति पवार और जैस्मिन लांबोरिया की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।


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