जोन 1 में गायब हो रहीं विकास की फाइलें, विकास कार्यों पर लगा ब्रेक
पार्षदों ने खोली निगम व्यवस्था की परतें, महापौर ने अभियंत्रण विभाग को लगाई कड़ी फटकार
(Today crime news)
उत्तर प्रदेश कानपुर। नगर निगम के जोन-1 में विकास कार्यों की पत्रावलियां गायब होने, स्वीकृत कामों के लंबे समय तक शुरू न होने और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने के आरोपों ने निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार को नगर निगम मुख्यालय में हुई बैठक में पार्षदों का गुस्सा खुलकर सामने आया। सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट और विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं पर अधिकारियों को घेरते हुए पार्षदों ने आरोप लगाया कि उनके पत्रों पर कार्रवाई नहीं होती और कई स्वीकृत फाइलों का कोई रिकॉर्ड तक नहीं मिल रहा। महापौर प्रमिला पाण्डेय और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय की संयुक्त अध्यक्षता में हुई बैठक में जोन-1 अभियंत्रण विभाग सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में रहा। महापौर ने अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव को फटकार लगाते हुए कहा कि चार महीने से जोन में तैनाती के बावजूद पत्रावलियों की स्थिति की जानकारी रखनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अन्य जोनों की बैठकों में किसी अभियंता के खिलाफ इतनी सामूहिक शिकायतें सामने नहीं आईं। पार्षद हाजी सुहैल अहमद ने वर्ष 2024-25 की टेंडर हो चुकी पत्रावली और कूड़ा अड्डे की स्वीकृत फाइल गायब होने का आरोप लगाया। पार्षद आकर्ष बाजपेयी ने कार्यकारिणी से मंजूर 19 लाख रुपये की पत्रावली नहीं मिलने की बात कही। वार्ड-94 पटकापुर की सात से आठ और वार्ड-103 परेड की चार फाइलें गायब होने का मुद्दा भी उठाया गया। बैठक में स्ट्रीट लाइटों को लेकर भी नाराजगी दिखी। पार्षदों ने कहा कि लाइट लगाने वाले स्थानों की फोटो खींचने के बाद भी कई क्षेत्रों में नई लाइटें नहीं लगाई गईं। बंद लाइटें भी लंबे समय से ठीक नहीं हुईं। कई वार्डों में सफाईकर्मियों की कमी, जर्जर सड़कें और लंबित पैचवर्क की शिकायतें रखी गईं। मुख्य अभियंता सिविल सैय्यद फरीद अख्तर जैदी ने बताया कि जांच में जोन-1 में पत्रावलियों का समुचित रिकॉर्ड नहीं मिला। नगर आयुक्त की आपत्तियों वाली कई फाइलें एक अलमारी में रखी मिलीं, जिनका निस्तारण नहीं हुआ था। अब डिजिटल निगरानी के लिए गूगल फॉर्मेट तैयार कराया गया है।


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