बरसात सिर पर, नाले अधूरे, सड़कें धूल में दबीं, शहर की तैयारियों की खुलती गई परतें
Today crime news
उत्तर प्रदेश कानपुर। मानसून सिर पर है, लेकिन शहर की तैयारियां अब भी अधूरी तस्वीर पेश कर रही हैं। गुरुवार को नगर निगम की व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आई तो कई स्थानों पर सुस्त रफ्तार, अधूरे काम, अतिक्रमण और अव्यवस्थाएं उजागर होती चली गईं। हालात ऐसे दिखे कि कई जगहों पर अधिकारियों को फटकार, चेतावनी और कार्रवाई तक की नौबत आ गई। नगर आयुक्त के निरीक्षण में बाकरगंज स्थित सार्वजनिक शौचालय में व्यवस्थाएं ठीक मिलीं, लेकिन साउथ एक्स मॉल से किदवई नगर तक नाले की सफाई के दौरान कच्चे नाले, अतिक्रमण और अधूरी व्यवस्थाओं ने सवाल खड़े कर दिए। वर्षों पुराने इस कच्चे नाले को पक्का करने का प्रस्ताव तैयार करने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। सीएम ग्रिड परियोजना की स्थिति सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाली रही। कई जगह इंटरलॉकिंग अधूरी मिली, सड़कें धूल उड़ाती नजर आईं, चैंबर अधूरे मिले और सीवर-पेयजल कनेक्टिविटी भी पूरी नहीं मिली। लगातार निर्देशों के बावजूद काम की धीमी रफ्तार देखकर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने संबंधित अधिकारियों पर सख्ती दिखाई गई और फेस-2 परियोजना में लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। यशोदा नगर बाईपास और रिजर्व बैंक नाले के पास हालात और भी चिंताजनक मिले। कलवर्ट की सफाई न होने से नाले का फ्लो प्रभावित मिला, जिससे बरसात में जलभराव की आशंका बढ़ती दिखाई दी। अधिकारियों को एजेंसियों के साथ समन्वय कर तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए गए।व्हाइट हाउस पुलिया तक बन रहे सीओडी नाले के निर्माण की गति भी सवालों में रही। 300 मीटर निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर 15 जून तक हर हाल में काम पूरा करने की समयसीमा तय की गई। बाबा कुटी क्षेत्र में बड़ी संख्या में घूमते आवारा पशु भी शहर की व्यवस्थाओं पर सवाल छोड़ गए। उन्हें पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बरसात से पहले सामने आई यह तस्वीर साफ संकेत दे रही है कि कागजों में दिख रही तैयारियां और जमीन पर दिख रही हकीकत में अभी भी बड़ा फर्क मौजूद है।




Post a Comment