हम हुसैन वाले है कि सदा से गूंज उठा सुतर खाना क्षेत्र–उठा विशाल मोहर्रम जुलूस.
(कानपुर ) तंजीम अहले सुन्नत कमेटी की जानिब से हर वर्ष मोहर्रम की 9 तारीक की रात में उठने वाला सुतर खाने का ऐतिहासिक जुलूस अपनी शान ए शौकत से क़रीब 12 बजे रात सुतर खाने से उठा सबसे आगे तिरंगा झंडा जुलुस की खूबसूरती को और बड़ा रहा था जुलुस अपने निर्धारित रूट घंटाघर, कोपर गंज, कुली बाजार लोहा मंडी, लाटूश रोड, मूलगंज, नई सड़क, रजबी रोड, इफ्तिकारा बाद, चीना पारिक, रूपम चौराहा, बाबा स्वीट हाउस, तलाक महल, यतीम खाना चौराहा से सद्भावना चौंकी परेड होते हुए वापस सुतर खाने में आकर समाप्त हुआ जिसमें हजारे की तादात में बच्चें, बूढ़े व नवजवान सामिल रहें आसपास क्षेत्र के सैकड़ों हिन्दू भाईयों ने भी जुलूस में शिरकत की, छोटे छोटे बच्चों ने ऊंट की सवारी का आनन्द लिया।
कानपुर प्रशासन का रहा भरपूर सहयोग
सुतर खाने से उठने वाले मोहर्रम के जुलूस में कानपुर प्रशासन का पूरा सहयोग रहा कई थानों की फोर्स के साथ एडीसीपी राहुल मिठास, एसीपी अनवरगंज अकमल खान, एसीपी कलेक्टर गंज शिखर, थाना प्रभारी हरबंश मोहाल, थाना प्रभारी कलेक्टर गंज, थाना प्रभारी बादशाही नाका, चौंकी प्रभारी सुतर खाना, एलआईयू से राजवीर सिंह, जुलूस के पूरे रूट पर जुलूस के आगे व पिछे किसी भी तरह की असुविधा न होने पाए इस पर नज़र बनाए जुलुस के साथ चलते रहें,
चौदह सौ वर्ष पूर्व 61 हिजरी में कूफा में अहलेबैत पर जो ज़ुल्म यज़ीदियों ने ढाए उसे कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। हक व बातिल की जंग में इमाम अली मुकाम ने इस्लाम को ज़िंदा रखने के लिए अपनी व अपने जांनिसारों की कुर्बानी देकर इस्लाम को हमेशा हमेशा के लिए ज़िदगी बख्श दी। कत्ले हुसैन अस्ल मे मर्गे यजीद है, इस्लाम जिंदा होता है हर कर्बला के बाद।


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