कानपुर शहर मे लागू हुआ रात्रि कर्फ्यू स्कूल कालेज भी रहेंगे बंद। जिलाधिकारी ने 12 वी तक स्कूल बंद करने के दिए आदेश।

 कानपुर शहर मे लागू हुआ रात्रि कर्फ्यू स्कूल कालेज भी रहेंगे बंद।

जिलाधिकारी ने 12 वी तक स्कूल बंद करने के दिए आदेश।

रिपोर्ट-:(अश्वनी कुमार)

उत्तरप्रदेश मुख्यमंत्री ने निर्देश जारी कर दिया । इसके बाद कानपुर में भी रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया गया। देर रात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद जिलाधिकारी ने रात दस बजे से सुबह छह बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया। हालांकि इस दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़े परिवहन पर रोक नहीं होगी।

रात के 10 से सुबह 6 कर्फ्यू मे इनको रहेंगी छूट।

जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने बताया कि कानपुर में रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया है। कानपुर कमिश्नरेट के अलावा कानपुर आउटर में भी रात्रिकालीन कर्फ्यू रहेगा। यह व्यवस्था सात अप्रैल से ही लागू कर दी गई है। इस दौरान केवल आवश्यक सेवाओं जैसे एंबुलेंस और आवश्यक वस्तुओं जैसे दूध, सब्जी, फल, दवा, पेट्रोलियम आदि को ले जाने वाले वाहनों का परिवहन हो सकेगा। निजी वाहनों का प्रयोग पूरी तरह से बंद रहेगा। सुबह छह बजे से रात दस बजे तक कोविड प्रोटोकाल के साथ कामकाज होते रहेंगे।

अप्रैल के बाद किया जाएगा पुन: विचार: जिलाधिकारी ने बताया कि यह व्यवस्था 30 अप्रैल तक लागू रहेगी। इसके बाद हालातों को देखते हुए आगे का फैसला लिया जाएगा। कोविड गाइडलाइन के मुताबिक रात्रि कालीन शिफ्ट में काम करने वाले सरकारी और अर्ध सरकारी कर्मचारियों को रात्रि में आवागमन की छूट मिलेगी, लेकिन इस दौरान उन्हें अपना परिचय पत्र दिखाना होगा। वहीं रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट से आने-जाने वाले अपना टिकट दिखाकर आ-जा सकेंगे।

12वीं तक स्कूल बंद, परीक्षाएं होंगी: जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने बताया कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए 12वीं तक के स्कूल बंद करने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि जहां परीक्षाएं चल रही हैं, वहां कोविड गाइड लाइन के हिसाब से परीक्षा संचालित हो सकेंगी। परीक्षाएं व प्रैक्टिकल के बाद स्कूल बंद हो जाएंगे।

नर्सिंगहोम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एमके सरावगी ने बताया कि शासन की ओर से सही निर्णय है। वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को और तेजी से बढ़ाया जाए तो संक्रमण को पैर पसारने का मौका नहीं मिलेगा। लोग सतर्क रहें। भीड़-भाड़ वाली जगहों से जाने से बचें। 

दिखाना पड़ेगा परिचय पत्र आने- जाने में इनको रहेंगी छूट

 भारत सरकार के अधिकारी, पीएसयू और स्थानीय निकाय के अधिकारी

स्वास्थ्य कर्मी व पैरामेडिकल स्टाफ के लोग

 पुलिस व जेल के अधिकारी

 होमगार्ड सिविल डिफेंस दमकल जवान

 बिजली पानी व सफाई कर्मचारी

 परिवहन निगम (बस, रेल व हवाई सेवा कर्मी)

 आपदा प्रबंधन कर्मी

 आवश्यक वस्तु से जुड़े कर्मचारी

 राज्यों के भीतर व अंतरराज्यीय स्तर पर आवश्यक सामान लाने व ले जाने की छूट

ई-पास दिखकर आ जा सकेंगे

 सब्जी, फल, किराना, मछली, मीट, दवा का काम करने वाले

 बैंक, एटीएम, इश्योरेंस कर्मी

 प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया कर्मी

 टेलीकॉम व इंटरनेट सेवा कर्मी

 ई कार्मस कंपनियों के कर्मचारी जो खाद्य सामग्री आदि डिलीवरी करने वाले

 पेट्रोल, सीएनजी, पीएनजी आदि के कर्मचारी

 किसी भी प्रोडक्शन यूनिट में काम करने वाले कर्मचारी

 कोल्ड स्टोरेज और सिक्योरिटी सर्विस के कर्मचारी

लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू के बीच का अंतर:  लॉकडाउन आपातकालीन व्यवस्था होती है। इसका निर्णय शासन स्तर पर होता है। यह व्यवस्था 24 घंटे लगातार लागू रहती है। लॉकडाउन के जरूरी सेवाएं बंद नहीं की जाती हैं। मेडिकल सेवाएं, बैंक, डेयरी, दवाएं, राशन, फल-सब्जी जैसे जरूरी सामान की दुकानें खुलती हैं। इस बीच लोगों से घर में ही रहने की अपील की जाती है। सिर्फ आवश्यक वस्तुओं के लिए ही बाहर निकलने की अनुमति होती है। जबकि नाइट कर्फ्यू में लोगों को घरों से बाहर जाने की अनुमति नहीं होती । रात्रि कर्फ्यू में कुछ छूट बहुत कम देर के लिए दी जाती है। जिसमें सिर्फ वही सेवा चालू रहती है, जो बेहद जरूरी होती है। मेडिकल और अन्य जरूरी सेवाएं। 


रात्रि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले की गिरफ्तारी हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। करोना संक्रमण होने से बचे कर्फ्यू मे ना घूमे।

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