जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा के सीमा पर गोलीबारी मे शहीद हुआ। कानपुर का लाल त्रिवेद प्रकाश पूरा परिवार शोक मे डूबा।
त्रिवेद प्रकाश मूल रूप से फतेहपुर के निवासी हैं। उनका पूरा परिवार कानपुर के नौबस्ता हंसपुरम में रहता है।...
मूलरूप से फतेहपुर जनपद के नंदापुर ग्राम में रहने वाले अरुण कुमार तिवारी के सबसे छोटे पुत्र त्रिवेद प्रकाश सेना की 6आरआर बटालियन पैरंट यूनिट 332 मीडियम रेजीमेंट में तैनात थे। वह वर्ष 2015 में नासिक महाराष्ट्र से सेना में भर्ती हुए थे। मौजूदा समय में वह जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में एलओसी पर तैनात थे, जहां पर हुई गोलीबारी उनके शहीद होने की सूचना रविवार की रात घर वालों को मिली। इसके बाद शहीद जवान का परिवार फतेहपुर स्थित पुश्तैनी गांव के लिए रवाना हो गया है।
चचेरे भाई राजा ने बताया कि त्रिवेद के पिता अरुण कुमार तिवारी भी सेना से सेवानिवृत्त जवान हैं। त्रिवेद पांच भाइयों में सबसे छोटा था और बड़े भाई शिवमोहन, हरमोहन गांव में रहते हैं। तीसरे नंबर के भाई वेद प्रकाश संयुक्त शिक्षा निदेशक कानपुर मंडल कार्यालय में लिपिक हैं और उनसे छोटे देव प्रकाश सेना 16 मीडियम रेजीमेंट में जयपुर में तैनात हैं। देश के लिए त्रिवेद की शहादत पर परिवार को गर्व है, उन्होंने बताया कि मंगलवार की सुबह पार्थिव शरीर पुश्तैनी गांव पहुंचेगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उधर, फतेहपुर की बिंदकी तहसील के नंदापुर गांव में त्रिवेद के शहीद होने की सूचना मिलते ही शोक छा गया। गांव के लोग उनके घर के बाहर एकत्र हो गए और महिलाओं में करुण क्रंदन छा गया। शहीद सैनिक के अंतिम दर्शन के लिए गांव में रिश्तेदार और परिचितों का आना शुरू हो गया है। वहीं फतेहपुर जिला प्रशासन ने भी शहीद जवान के अंतिम संस्कार को लेकर जरूरी तैयारियां करानी शुरू कर दी हैं।


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