फर्जी टीटी बनकर शताब्दी एक्सप्रेस में कर रहा था यात्रा, आरपीएफ ने दबोचा
(Today crime news)
उत्तर प्रदेश कानपुर। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कानपुर सेंट्रल ने शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक फर्जी टिकट परीक्षक (टीटीई) को पकड़कर बड़ी कार्रवाई की है। आरोपी फर्जी रेलवे पहचान पत्र के सहारे खुद को टीटी बताकर यात्रियों के बीच घूम रहा था। पूछताछ में उसकी सच्चाई सामने आने पर उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गाजियाबाद स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ के हवाले कर दिया गया। आरपीएफ के अनुसार सोमवार को गाड़ी संख्या 12033 शताब्दी एक्सप्रेस में कानपुर सेंट्रल से नई दिल्ली तक अनुरक्षण ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल लीलाधर एवं कांस्टेबल मनोज कुमार-2 ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान अलीगढ़ स्टेशन से एक व्यक्ति कोच सी-11 में स्वयं को टीटी बताकर चढ़ गया।
उसकी गतिविधियों पर संदेह होने पर ड्यूटी पर मौजूद आरपीएफ कर्मियों ने ट्रेन सुपरिटेंडेंट (टीएस) जितेंद्र सिंह यादव तथा कोच टीटी अनुज कुमार के साथ मिलकर उससे पूछताछ की। शुरुआत में उसने स्वयं को नॉर्दर्न रेलवे में टीटी के पद पर कार्यरत बताया, लेकिन जब उससे गहन पूछताछ की गई तो वह अपने जवाबों में उलझ गया। अंततः उसने स्वीकार कर लिया कि वह रेलवे का कर्मचारी नहीं है और फर्जी पहचान पत्र बनवाकर टीटी बनकर यात्रा कर रहा था। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम दुर्वेश कुमार, पुत्र भोजराज, निवासी ग्राम नगला, जनपद एटा बताया। आरपीएफ ने आरोपी को हिरासत में लेकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए गाजियाबाद स्टेशन पर जीआरपी के हेड कांस्टेबल सोनू सिंह एवं आरपीएफ के एएसआई ओवेन्द सिंह के सुपुर्द कर दिया।
रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को रेलवे अधिकारी या टीटी बताकर संदिग्ध गतिविधि करता दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल आरपीएफ या रेलवे हेल्पलाइन पर दें, ताकि ऐसे फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।




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