जेल जाने से बचे खान सर, अदालत में अरविंद मव्वर की दलीलों का चला जादू
(Today crime news)
बिहार पटना। चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर खान सर (फैसल खान) को पटना स्थित उनके कोचिंग संस्थान 'खान ग्लोबल स्टडीज' के बाहर हुई फायरिंग और तोड़फोड़ के मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस राहत के पीछे पटना के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार मव्वर की प्रभावशाली कानूनी पैरवी को अहम माना जा रहा है।
मामला 2 जून 2026 को खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग और तोड़फोड़ की घटना से जुड़ा है, जिसमें आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद खान सर की गिरफ्तारी की आशंका तेज हो गई थी। ऐसे में अदालत में उनके पक्ष की कमान संभालते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार मव्वर ने मजबूत कानूनी तर्कों के आधार पर अदालत को गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए राजी कर लिया।
अदालत में सुनवाई के दौरान मव्वर ने दलील दी कि कोचिंग संस्थान के सुरक्षा कर्मियों द्वारा चलाई गई गोली आत्मरक्षा के उद्देश्य से थी, न कि किसी प्रकार का भय या आतंक फैलाने के लिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घटना में किसी व्यक्ति की जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।
बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि खान सर की इस पूरे प्रकरण में कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर एक सुनियोजित साजिश और प्रतिशोध की भावना से प्रेरित है। अधिवक्ता मव्वर ने यह भी दावा किया कि सुरक्षा कर्मियों के कुछ बयान दबाव में दर्ज कराए गए हैं, जिनकी कानूनी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
अदालत ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद खान सर को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। हालांकि यह राहत स्थायी नहीं है। कोर्ट ने मामले की केस डायरी और संबंधित रिपोर्ट तलब की है। अब फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगामी सुनवाई में आगे का फैसला होगा।
कौन हैं अधिवक्ता अरविंद कुमार मव्वर?
पटना के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार मव्वर कानूनी क्षेत्र में लगभग दो दशकों का अनुभव रखते हैं। आपराधिक मामलों, जमानत याचिकाओं, प्रभावी ड्राफ्टिंग और सशक्त जिरह के लिए उनकी विशेष पहचान है। जटिल मामलों में तथ्यों और साक्ष्यों की गहरी समझ के कारण उन्हें न्यायालयों में एक कुशल डिफेंस काउंसिल के रूप में जाना जाता है।
खान सर को मिली इस राहत के बाद अधिवक्ता अरविंद कुमार मव्वर एक बार फिर कानूनी और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गए हैं। अब सभी की निगाहें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि यह राहत स्थायी रूप लेती है या नहीं।



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